Class 8 Hindi – वसंत भाग 3 पाठ 2 : लाख की चूड़ियाँ

पाठ का सार (सरल भाषा में)

यह पाठ लाख की चूड़ियाँ बनाने वाले कारीगरों के जीवन पर आधारित है।
लाख प्राकृतिक पदार्थ है, जिससे सुंदर चूड़ियाँ बनती हैं।
इन चूड़ियों को बनाने में बहुत मेहनत, धैर्य और कला लगती है।

कारीगर दिन-रात मेहनत करते हैं,
लेकिन उन्हें उनके श्रम का पूरा मूल्य नहीं मिलता।
फिर भी वे अपने काम से प्रेम करते हैं
और अपनी परंपरागत कला को जीवित रखते हैं।

लेखक इस पाठ के माध्यम से
श्रम का सम्मान,
गरीब कारीगरों की कठिनाइयाँ
और हस्तशिल्प के महत्व को समझाता है।


📝 प्रश्न–उत्तर (Question–Answer)

प्रश्न 1. ‘लाख की चूड़ियाँ’ पाठ का विषय क्या है?

उत्तर:
यह पाठ लाख की चूड़ियाँ बनाने वाले कारीगरों के जीवन और मेहनत पर आधारित है।


प्रश्न 2. लाख की चूड़ियाँ कैसे बनाई जाती हैं?

उत्तर:
लाख को गरम करके, आकार देकर और रंग भरकर चूड़ियाँ बनाई जाती हैं।


प्रश्न 3. कारीगरों का जीवन कैसा होता है?

उत्तर:
कारीगरों का जीवन कठिन होता है, वे बहुत मेहनत करते हैं लेकिन कम कमाई होती है।


प्रश्न 4. लेखक कारीगरों के प्रति क्या भावना रखता है?

उत्तर:
लेखक कारीगरों के प्रति सम्मान और सहानुभूति की भावना रखता है।


प्रश्न 5. इस पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

उत्तर:
हमें मेहनतकश लोगों का सम्मान करना चाहिए और उनकी कला को महत्व देना चाहिए।


✍️ शब्दार्थ

  • लाख – प्राकृतिक पदार्थ जिससे चूड़ियाँ बनती हैं

  • कारीगर – हाथ से काम करने वाला व्यक्ति

  • हस्तशिल्प – हाथ से बनी कला

  • परिश्रम – मेहनत

  • सहानुभूति – दया और समझ


परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

  • कारीगरों की मेहनत और जीवन

  • हस्तशिल्प का महत्व

  • श्रम के सम्मान का संदेश

1 thought on “पाठ 2 : लाख की चूड़ियाँ”

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